बीएमसी का 80 हजार करोड़ का बजट: बुनियादी सुविधाओं, शिक्षा सुरक्षा और महिलाओं के अधिकारों पर गंभीर सवाल — क़मर जहाँ सिद्दीकी का तीखा हमला
- MimTimes मिम टाइम्स م ٹائمز

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25 April 2026
मुंबई ( मीम टाइम्स) महानगरपालिका के हालिया बजट सत्र में कांग्रेस कॉरपोरेटर क़मर जहाँ सिद्दीकी ने बीएमसी के लगभग 80 हजार करोड़ रुपये के बजट पर कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि भारी-भरकम फंड के बावजूद शहर की बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने बजट के आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बड़े अंतर को उजागर करते हुए प्रशासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि एक ओर प्रचार (पब्लिसिटी) के बजट को शून्य से बढ़ाकर 50 मिलियन रुपये कर दिया गया, वहीं छात्रों की ट्रेनिंग के लिए निर्धारित राशि 120 मिलियन से घटाकर मात्र 1 मिलियन रुपये कर दी गई। सिद्दीकी ने इसे युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय बताते हुए पूछा कि सरकार की प्राथमिकता जनता का विकास है या सिर्फ अपनी छवि बनाना।
सड़कों की खराब हालत पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद सड़कें एक साल भी टिक नहीं पातीं। बार-बार खुदाई और घटिया निर्माण के कारण गड्ढे बनते हैं, जिससे दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने इसे “विकास” नहीं बल्कि “वित्तीय रीसाइक्लिंग” करार दिया।
पानी की समस्या पर उन्होंने कहा कि शहर में रोजाना लाखों लीटर पानी लीकेज और टैंकर सिस्टम की अव्यवस्था के कारण बर्बाद हो रहा है। खासकर वार्ड 33 में कम प्रेशर और देर रात पानी सप्लाई से महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्थायी समाधान के रूप में जल आपूर्ति नेटवर्क को मजबूत करने की मांग की।
शिक्षा क्षेत्र में उन्होंने स्कूलों की सुरक्षा पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि कई स्कूल बिना उचित स्ट्रक्चरल ऑडिट के संचालित हो रहे हैं, जो छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने मांग की कि हर स्कूल की मंजूरी के साथ जिम्मेदार अधिकारी का नाम दर्ज किया जाए ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जवाबदेही तय हो सके। साथ ही पिछले 17 वर्षों से आर्ट शिक्षकों की भर्ती न होने पर भी सवाल उठाया।
पोषण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 200 करोड़ रुपये के बजट के बावजूद स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं मिल रहा है। मेन्यू के अनुसार दाल देने के बजाय सिर्फ चावल दिए जा रहे हैं, जो गंभीर लापरवाही है। इस पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
महिलाओं के अधिकारों को लेकर क़मर जहाँ सिद्दीकी ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाली महिलाओं को मातृत्व अवकाश न देना पूरी तरह अन्याय है और इसे कानूनी अधिकार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पितृत्व अवकाश, मेंस्ट्रुअल हेल्थ पॉलिसी और अस्पतालों में महिला शवों के पोस्टमार्टम के दौरान महिला स्टाफ की अनिवार्य मौजूदगी की भी मांग की।
उन्होंने शहर के थिएटरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि जहां रोज हजारों लोग आते हैं, वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होना जरूरी है। इसके अलावा वार्ड 33 में खराब सड़कों, खुली नालियों, वरिष्ठ नागरिकों के दुर्घटनाग्रस्त होने और सार्वजनिक शौचालयों की खराब स्थिति को तत्काल सुधारने की मांग की।
अंत में उन्होंने कहा, “सच कभी विरोध नहीं होता, बल्कि सुधार की शुरुआत होता है,” और प्रशासन से अपील की कि इस बजट को सिर्फ कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि इसे वास्तविक रूप में जनता के जीवन में सुधार लाने के लिए लागू किया जाए।


