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मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को फोन कर सरकार गठन में किसी भी बाधा के न होने का दिया भरोसा

  • Writer: MimTimes मिम टाइम्स  م ٹائمز
    MimTimes मिम टाइम्स م ٹائمز
  • Nov 27, 2024
  • 2 min read
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27 November 2024


मुंबई,महाराष्ट्र में महायुति को बहुमत मिलने के बावजूद सरकार गठन में हो रही देरी पर कार्यवाहक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज स्थिति स्पष्ट कर दी। मुख्यमंत्री शिंदे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर चर्चा कर यह भरोसा दिया कि महायुति की सरकार गठन में कोई बाधा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री जो भी निर्णय लेंगे, वह शिवसेना और उन्हें स्वीकार होगा। ठाणे स्थित अपने निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री शिंदे ने यह बात कही।

मीडिया में अटकलों पर लगा विराम

राज्य में बहुमत के बावजूद सरकार गठन में हो रही देरी से महायुति को लेकर मीडिया में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। इस पर मुख्यमंत्री शिंदे ने संवाद करते हुए कहा कि राज्य हित सर्वोच्च है और महायुति का प्रत्येक घटक दल एकजुट है। उनके इस बयान से राज्य में सत्ता गठन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।

महायुति को ऐतिहासिक जीत

मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि महायुति को जनता ने ऐतिहासिक जीत दिलाई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से फोन पर चर्चा हुई, जिसमें शिवसेना के रुख को स्पष्ट कर दिया गया। शिंदे ने कहा, "हमने स्पष्ट कर दिया है कि भाजपा जो भी निर्णय लेगी, उसे हमारा समर्थन होगा। महाराष्ट्र के विकास के लिए हम पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।"

ढाई साल की मेहनत का नतीजा

मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि यह जीत महायुति द्वारा ढाई साल में किए गए कार्यों पर जनता का भरोसा है। उन्होंने कहा, "हमने जनता के लिए कॉमन मैन की तरह काम किया। बाला साहेब ठाकरे के विचारों और आनंद दिघे साहब की सीख के साथ हमने लोगों के बीच रहकर मेहनत की।"

पीएम मोदी और अमित शाह का आभार

शिंदे ने कहा कि केंद्र और राज्य में समान विचारधारा की सरकार होने से महाराष्ट्र को बड़ा लाभ हुआ। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को विकास कार्यों में समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

जनता के लिए अंतिम सांस तक करेंगे काम

मुख्यमंत्री शिंदे ने भावुक होकर कहा, "हम लड़ने वाले हैं, हार मानने वाले नहीं। हमने पूरी ईमानदारी से काम किया है। जब तक शरीर में आखिरी खून की बूंद है, मैं महाराष्ट्र की जनता के लिए काम करता रहूंगा।"

उनके इस बयान से जनता और महायुति कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।


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