top of page

अबू आज़मी के बयानों पर बवाल,आनंद परांजपे ने की सख्त कार्रवाई की मांग, कहा “महाराष्ट्र में नहीं चलेगी औरंगज़ेब की सोच”

  • Writer: MimTimes मिम टाइम्स  م ٹائمز
    MimTimes मिम टाइम्स م ٹائمز
  • Jun 23
  • 2 min read
ree

23 Jun 2025


मुंबई, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के मुख्य प्रवक्ता आनंद परांजपे ने समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आज़मी के हालिया बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए महाराष्ट्र सरकार से उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अबू आज़मी को राज्य की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता के लिए खतरा बताया।

आनंद परांजपे ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “अबू आज़मी अब महाराष्ट्र के लिए एक घातक प्रवृत्ति बन चुके हैं। उनके बयान समाज को बांटने और राज्य में तनाव फैलाने का काम कर रहे हैं। सरकार को अब उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।”

परांजपे ने महाराष्ट्र की 800 साल पुरानी आषाढ़ी वारी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम की पालखियाँ जब आलंदी और देहू से पंढरपुर जाती हैं, तो लाखों वारकरी उसमें शामिल होते हैं, जिनमें कई मुस्लिम भी सेवा भाव से सहभागी होते हैं। “इस यात्रा में धर्म से ऊपर उठकर भक्ति और सेवा का भाव होता है। अबू आज़मी जैसे नेता इस समरसता को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।

मराठी भाषा को लेकर हो रहे विवादों के बीच परांजपे ने स्पष्ट किया कि महायुती सरकार मराठी का कभी अपमान नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री एक विशेष बैठक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की समीक्षा कर रहे हैं और स्कूल शिक्षा मंत्री द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, पहली से पाँचवीं तक मराठी सभी स्कूलों में अनिवार्य होगी।

“मराठी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है। राज्य सरकार भी इसकी गरिमा को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है,” परांजपे ने कहा।

अपने बयान में आनंद परांजपे ने औरंगज़ेब का नाम लेकर स्पष्ट कहा कि “छत्रपती संभाजी महाराज की क्रूर हत्या को यह राज्य कभी नहीं भूलेगा। औरंगज़ेब की सोच का महाराष्ट्र में कोई स्थान नहीं है। जो लोग ऐसी सोच को महिमा देने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें इतिहास से सबक लेना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि औरंगज़ेब ने अपने पिता को कैद किया, भाइयों की हत्या की और शिवाजी महाराज के हिंदवी स्वराज्य के खिलाफ युद्ध किया। “ऐसे इतिहास को महिमामंडित करना एक अपराध है,” उन्होंने तीखे शब्दों में कहा।

राज्य की राजनीति में अबू आज़मी की बयानबाज़ी को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर हिंदू-मुस्लिम राजनीति और भाषाई अस्मिता को लेकर माहौल गरमा दिया है। परांजपे के बयानों से साफ है कि महायुती सरकार इन मुद्दों पर सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है।






















bottom of page