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कबूतरों की जान भी ज़रूरी, लोगों की सेहत भी – कबूतरखानों पर फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला

  • Writer: MimTimes मिम टाइम्स  م ٹائمز
    MimTimes मिम टाइम्स م ٹائمز
  • Aug 5
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05 August 2025


मुंबई, मुंबई में कबूतरों को खाना खिलाने पर लगे प्रतिबंध के मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि कबूतरों की जान बचाना, पर्यावरण की रक्षा करना और नागरिकों की सेहत का ध्यान रखना – ये तीनों ही बातें ज़रूरी हैं। इसलिए कबूतरखानों को अचानक बंद करना सही नहीं है। जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक मुंबई महानगरपालिका को कबूतरों को सीमित मात्रा में खाना देने का निर्देश दिया गया है।


मुख्यमंत्री ने यह बात मंत्रालय में हुई एक अहम बैठक में कही। इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, वन मंत्री गणेश नाईक, जलसंपदा मंत्री गिरीश महाजन, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक कालिदास कोलंबकर, मुंबई महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगरानी और अन्य अधिकारी शामिल थे।


फडणवीस ने कहा कि कबूतरों को किस समय खाना दिया जाए और किस समय नहीं – इस पर एक नियम बनाया जाए। उन्होंने बताया कि शहर में कई जगह कबूतरों की संख्या बहुत ज़्यादा हो गई है जिससे लोगों को सांस की तकलीफ, गंदगी और बीमारी जैसी समस्याएं हो रही हैं। लेकिन इस पर कोई भी कदम उठाने से पहले वैज्ञानिक तरीके से इसका अध्ययन करना ज़रूरी है।


उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इस विषय पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी से चर्चा की है। साथ ही कबूतरों के मल की साफ-सफाई के लिए तकनीकी उपायों पर भी ध्यान देने को कहा गया है।


यह मामला इस समय बॉम्बे हाई कोर्ट में चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार और मुंबई महानगरपालिका को अदालत में अपना पक्ष ठीक से रखना चाहिए। ज़रूरत पड़ी तो राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में भी जाएगी।


आख़िर में मुख्यमंत्री ने बीएमसी को पक्षियों के लिए विशेष शेल्टर (Bird Shelter) बनाने और उसकी देखभाल करने के भी निर्देश दिए।












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